NIPUN Bharat Mission 2024:निपुण भारत मिशन

NIPUN Bharat Mission:- भारत सरकार देश के हर बच्चे को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी तरह, भारत सरकार ने देश के छात्रों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए निपुण भारत मिशन शुरू किया। ताकि नई शिक्षा नीतियों के माध्यम से देश को शिक्षा का अधिक से अधिक लाभ मिल सके और साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके। निपुण भारत का मिशन बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल विकसित करना है ताकि बच्चे भविष्य में प्रभावी ढंग से विकास कर सकें। सरकार के प्रयासों का उद्देश्य देश के सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा प्रदान करके बच्चों की शिक्षा का पूर्ण उपयोग करना है।

About NIPUN Bharat Mission

केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र को विकसित करने के उद्देश्य से 5 जुलाई 2021 को निपुण भारत योजना शुरू की गई थी। NIPUN भारत मिशन का आधिकारिक नाम “पढ़ने की समझ और संख्यात्मकता में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल” है। इस मिशन के माध्यम से, कक्षा 3 से 6 तक के छात्रों को बुनियादी पढ़ने, लिखने और गणित कौशल से परिचित कराया जाता है। इसलिए, सभी सार्वजनिक और निजी स्कूलों में इस मिशन पर आधारित सहायता प्रदान की जाती है। ताकि हम अपने बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत कर सकें।

NIPUN मिशन के तहत, सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि 2026-2027 तक कक्षा 3 से 6 तक के सभी बच्चे पढ़ने, लिखने और अंग्रेजी में साक्षर हो जाएं। ताकि आप सही समय पर सही तरीके से विकास कर सकें। निप्पॉन भारत मिशन को स्कूली शिक्षा कार्यक्रम ‘समग्र शिक्षा’ से जोड़ा जाएगा, जिसे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पांच स्तरों पर लागू किया जाएगा। इस मिशन के माध्यम से, प्रीस्कूल बच्चों के शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा निप्पॉन योजना लागू की गई है।

NIPUN Bharat Mission (Highlights)

योजना का नाम NIPUN Bharat Mission
मंत्रालय केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय
विभाग स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग
शुरुआत की गई 5 जुलाई 2021
लाभार्थी देश के
उद्देश्य ग्रेट 3 तक के बच्चों को आधारभूत साक्षरता संख्यात्मक का ज्ञान प्रदान करना
वर्तमान वर्ष 2024

 

आधारभूत साक्षरता तथा संख्यामकता के प्रकार

  • मौखिक पठन प्रवाह
  • लेखन
  • शब्दावली
  • डिकोडिंग
  • रीडिंग कंप्रीहेंशन
  • मौखिक भाषा का विकास
  • धवनियात्मक जागरूकता
  • कल्चर ऑफ रीडिंग
  • प्रिंट के बारे में अवधारणा

मूलभूत संख्यामकता और गणित कौशल

  • पैटर्न
  • आकार एवं स्थानिक समाज
  • मापन
  • गणितीय तकनीकें
  • पूर्व संख्या अवधारणाएं
  • नंबर एंड ऑपरेशन ऑन नंबर

मूलभूत भाषा एवं साक्षरता के प्रमुख घटक

  • लेखन
  • डिकोडिंग
  • शब्दावली
  • पढ़ने की संस्कृत
  • पढ़ने का प्रभाव
  • मौखिक भाषा का विकास
  • ध्वनि के माध्यम से जागरूकता
  • प्रिंट के बारे में अवधारणा
  • रीडिंग कंप्रीहेंशन

कुछ महत्वपूर्ण कदम भाषा और साक्षरता विकास को बढ़ाने के लिए

  • अनुभव साझा करना
  • ड्रामा और रोल प्ले
  • पिक्चर रीडिंग
  • अनुभव आधारित लेखन
  • मिड डे मील
  • शेयर ट्रेडिंग
  • एक प्रिंट समृद्धि वातावरण बनाना
  • कहानियां एवं कविताएं सुनना, बताना और लिखना
  • सॉन्ग एंड राइम्स
  • कक्षा की दीवारों का उपयोग करना
  • ऊंचे स्वर में पढ़ना

मूलभूत संख्यात्मक और गणित कौशल

जिन छात्रों में कौशल प्राप्त करने की क्षमता होती है तो उनमें मूलभूत संख्यात्मक और गणित कौशल की समझ भी आ जाती है।

  • मात्राओं की समझ संख्याओं की तुलना करना
  • मात्राओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रतिक्रिया का उपयोग करना
  • कम या ज्यादा एवं छोटा या बड़ा की समझ विकसित करना
  • एकल वस्तु एवं वस्तुओं के समूह के बीच संबंध स्थापित करने की क्षमता

आवश्यकता प्रारंभिक गणित कौशल की

  • दैनिक जीवन में तार्किक सोच और तर्क को विकसित करना।
  • प्रारंभिक वर्षों के दौरान गणितीय कौशल महत्वपूर्ण होता है।
  • आधारभूत संख्यामकता का रोजगार में एवं घरेलू स्तर पर योगदान।
  • विद्यार्थियों द्वारा संख्याओं और स्थानीय समाज का दैनिक जीवन में उपयोग किया जा सकता है।

प्रारंभिक गणित के प्रमुख घटक

  • पैटर्न
  • गणित संचार
  • माप तोल
  • डाटा संधारण
  • आकार एवं स्थानिक समझ
  • फ्री नंबर अवधारणा
  • नंबर एंड ऑपरेशन एंड नंबर

NIPUN Bharat Mission की कार्यान्वयन प्रक्रिया

निपुण भारत मिशन में 3 से 9 साल के बच्चों को शामिल किया गया। प्रीस्कूल 1, प्रीस्कूल 2 और प्रीस्कूल 3 के बाद ग्रेड 1, 2 और 3 शामिल हैं। इस उद्देश्य से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पांच स्तरीय व्यवस्था बनाई जाएगी. संचालन राष्ट्रीय, राज्य, जिला, पड़ोस और स्कूल स्तर पर आयोजित किए जाते हैं। इन सभी स्तरों पर कार्य एवं प्रक्रियाओं का नियंत्रण नोडल अधिकारियों द्वारा किया जाता है। NIPUN-भारत मिशन शिक्षा मंत्रालय के स्कूल साक्षरता विभाग द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। ताकि इन पाठों के माध्यम से देश के सभी छात्र भाषा और गणित कौशल में बेहतर महारत हासिल कर सकें। वहीं बच्चों की बुनियादी शिक्षा की नींव को मजबूत करने के लिए राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है।

NIPUN Bharat Mission (प्रशासनिक संचरण)

  1. राष्ट्रीय स्तर (National Level Mission) – यह राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा। जिसका संचालन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा किया जाएगा। छात्रों को इस मिशन के अंतर्गत लर्निंग गैप्स, असेसमेंट, लर्निंग स्ट्रेटेजी, डॉक्यूमेंट बनाने,लर्निंग मैट्रिक्स तैयार करने जैसे कार्य किए जाएंगे।
  2. राज्य स्तर पर (State Level Mission) – इसे राज्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस स्तर पर संचालन की जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की होगी और इसके लिए स्टेट रिपेयरिंग समिति का गठन किया जाएगा। राज्य स्तर पर कार्यान्वयन राज्य के सेक्रेटरी हेड द्वारा किया जाएगा।
  3. जिला स्तर पर (District Level Mission) – इस मिशन को जिला स्तर पर संचालित किया जाएगा। जिसका संचालन डिप्टी मजिस्ट्रेट और डिप्टी कमिश्नर करेंगे। इस मिशन को जिला स्तर पर तैयार करने के लिए जिला शिक्षा ऑफिसर, कमेटी के सदस्य सीईओ, डिस्ट्रिक्ट अफसर ऑफ हेल्थ आदि सदस्य नियुक्त किए जाते हैं।
  4. ब्लॉक क्लस्टर मिशन (Block Cluster Mission) – निपुण भारत मिशन के अंतर्गत ब्लॉक क्लस्टर मिशन स्तर पर कार्यान्वयन ब्लॉक लेवल पर होता है। इस स्तर पर मिशन का संचालन और साथ ही इसकी निगरानी करने का कार्य एजुकेशन ऑफीसर और ब्लॉक रिसोर्सेज पर्सन द्वारा किया जाता है।
  5. School Management Community & Community Participation – इस मिशन का संचालन स्कूल और कम्युनिटी स्तर पर किया जाएगा। इस मिशन के माध्यम से देश भर में शिक्षा अभियान से संबंधित जागरूकता फैलाने का कार्य किया जाएगा। स्कूल मैनेजमेंट शिक्षा को और अभिभावकों के द्वारा भी इस मिशन के अंतर्गत योगदान दिया जाएगा जिससे बच्चों की शिक्षा में सुधार लाने के लिए सभी को इस मिशन के माध्यम से जागरूक किया जा सके।

NIPUN Bharat Mission के भाग

  1. परिचय
  2. मूलभूत संख्यामकता और गणित कौशल
  3. स्कूल की तैयारी
  4. लर्निंग एसेसमेंट
  5. मूलभूत भाषा और साक्षरता समझना
  6. शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया / शिक्षक की भूमिका
  7. शिक्षा और सीखना बच्चों की क्षमता और विकास पर ध्यान
  8. योग्यता आधारित शिक्षा की ओर स्थानांतरण
  9. राष्ट्रीय मिशन पहलू एवं दृष्टिकोण
  10. मिशन कार्यान्वयन में विभिन्न हितग्राहियों की भूमिका
  11. SCERT और DIET के माध्यम से शैक्षणिक साहित्य
  12. मिशन की सामरिक योजना
  13. दीक्षा/NDEAR का लाभ उठाना, डिजिटल संसाधनों का भंडार
  14. निगरानी और सूचना प्रौद्योगिकी ढांचा
  15. मिशन की स्थिरता
  16. माता पिता एवं सामुदायिक जुड़ाव
  17. अनुसंधान मूल्यांकन एवं दस्तावेजी करण की आवश्यकता

निपुण भारत मिशन के हितधारकों की सूची

  • CBSE (सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन)
  • राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश (States & UTs)
  • सेंट्रल स्कूल आर्गेनाइजेशन
  • कम्युनिटी एवं पैरेंट
  • मुख्य शिक्षक,प्राइवेट स्कूल
  • स्टेट काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग
  • नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग
  • डिस्ट्रिक्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग
  • ब्लॉक रिसर्च सेंटर तथा क्लस्टर रिसोर्सेज सेंटर
  • डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर एवं ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर
  • सिविल सोसाइटी आर्गेनाइजेशन
  •  गैर सरकारी संगठन (Non Government Organization)

NIPUN Bharat Mission FAQs

निपुण भारत मिशन का पूरा नाम क्या है?

NIPUN Bharat Mission का पूरा नाम National Initiative For Proficiency in Reading with Understanding & Numeracy  है।

NIPUN Bharat Mission की शुरुआत कब हुई?

निपुण भारत मिशन की शुरुआत शिक्षा विभाग द्वारा 5 जुलाई 2021 को की गई।

NIPUN Bharat Mission के अंतर्गत किसे लाभ मिलेगा?

निपुण भारत योजना के अंतर्गत देश के कक्षा 3 से 6 तक पढ़ने वाले बच्चों को लाभ मिलेगा।

NIPUN Bharat Mission का उद्देश्य क्या है?

निपुण भारत मिशन का उद्देश्य 4 से 9 वर्ष की आयु के छात्रों को आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान प्रदान करना है ताकि उनमें पढ़ने, लिखने, अंकगणित और व्याख्या करने की क्षमता में सुधार किया जा सके।

HOME PAGE:- CLICK HERE

 

Leave a Comment